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मैं परेशां :इशकज़ादे

नए-नए नैना रे ढूंढे हैं
दर-बदर क्यूँ तुझे
नए-नए मंज़र ये तकते हैं
इस कदर क्यूँ मुझे
ज़रा-ज़रा फूलों पे झड़ने लगा दिल मेरा
ज़रा-ज़रा काँटों से लगने लगा दिल मेरा

मैं परेशां, परेशां, परेशां, परेशां
आतिशें वो कहाँ
मैं परेशां, परेशां, परेशां, परेशां
रंजिशें हैं धुंआ

बेबात खुद पे मरने लगी हूँ, मरने लगी हूँ
बेबाक आहें भरने लगी हूँ, भरने लगी हूँ
चाहत के छीटें हैं, खारे भी मीठे हैं
मैं क्या से क्या हो गयी
ज़रा-ज़रा फितरत बदलने लगा दिल मेरा
ज़रा-ज़रा किस्मत से लड़ने लगा दिल मेरा
मैं परेशां...

बिन तेरे : आय हेट लव स्टोरीस

तेरी निगाहों के, तेरी ही राहों के
करीब से गयी ज़िन्दगी.
तुझे क्यूँ देखा ना?
तुझे क्यूँ जाना ना?
शिकायतें करू या नहीं?

थमी है ये सांसें,
भरी है ये आँखें.
सहु कैसे अब ये फासला...
बिन तेरे, बिन तेरे, बिन तेरे
कोई खलिश है हवाओं मे बिन तेरे.
बिन तेरे, बिन तेरे, बिन तेरे
कोई खलिश है हवाओं मे बिन तेरे.

कुछ बचा ही नहीं दर्मियाँ,
सांस लेती है अब ये दूरियां.
दिल नहीं जानता राहो मे
हाथ से हाथ छूटे थे कहाँ.

क्यूँ नज़र के किनारे,
टूटे हैं ख्वाब सारे, तू बता.
सुना सुना समा है,
खाली खाली जहाँ है, अब मेरा.
बिन तेरे, बिन तेरे, बिन तेरे
कोई खलिश है हवाओं मे बिन तेरे.
ओ बिन तेरे, बिन तेरे, बिन तेरे
कोई खलिश है हवाओं मे बिन तेरे.

दिल तो बच्चा है जी : इश्किया



ऐसे  उलझी नज़ारा  से  हटती  नहीं 
 दातसे रेशमी डोर  कटती  नहीं
 उम्र  कब  की  बरस  के  सफ़ेद   हो  गयी
 कारी  बदरी  जवानी  की  चाटती  रही
 वल्लाह  ये  धड़कन  बढ़ने  लगी  है
 चेहरे  की  रंगत  उड़ने  लगी  है
 दर  लगता  है  तनहा  सोने  में  जी
 दिल  तो  बच्चा है  जी  - 2 थोडा  कच्चा   है  जी  
 दिल  तो  बच्चा है  जी  
ऐसे  उलझी नज़ारा  से  हटती  नहीं  
 दातसे रेशमी डोर  कटती  नहीं
 गारी बदरी  जवानी  की  चाटती  रही

 किस  को  पता  था  पहलूँ  में  रखा 
 दिल  ऐसा  बाजी  भी  होगा 
 हम  तो  हमेशा  समजते  थे  कोई
 हम  जैसा  हाजी  हे  होगा  
 आये  जोर  करे  कितना  शोर  करे
 बेवजा  बातो  पे   गौर  करें
 दिल  सा  कोई  कमीना  नहीं  कोई  तो  रोके  
 कोई  टोके  इस  उमर  में  अब  खावोगे   धोके
 डर  लगता  है  इश्क  में  करने  भी  जी
 दिल  तो  बच्चा  है  जी  दिल  तो  बच्चा  है  जी
 थोडा  कच्चा  है  जी  दिल  तो  बच्चा  है  जी

 ऐसे  उदासी  बेठी   है  दिल  पे  
 हँसने  से  घबरा  रहे  है
 साडी  जवानी  कतराके  काँटी
 पीरी  में  टकरा  गए  है  
 दिल धडकता  है  तो  ऐसे  लगता  है  जो
 आ  रहा  है  यही  देखता  हे  न  हो  
 प्रेम  की  मरे  क़तर  रे 
 तोबा  ये  लम्हे  कटते  नहीं  है  क्यूँ
 आँखों  से  मेरी  हटाते  नहीं  जो
 डर  लगता  है  मुझसे  करना  बाजी
 दिल  तो  बच्चा  है  जी  - 2 थोडा  कच्चा  है  जी  
 दिल  तो  बच्चा  है  जी 
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