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ठहरी सी ज़िन्दगी : लंडन पेरिस न्यूयोर्क


Oo….o…..
Oo….o…..
O..ठहरी  सी
सहमी  सी
है  ज़िन्दगी  उड़ने  दो ..o..
बहती  nadi  से
थोड़ी  सी  नमी
चुन ने  दो …
ख़ामोशी
सुन  ने  दो
ख्वाबों  को
बुन  ने  दो
हथेलियों
पे  लिखी
दास्ताँ
बदलने  दो ..ओ …
Ho ho ho wo..
Ho ho ho wo..
Ho ho ho wo…..
Ho…
Ho ho ho wo..
Ho ho ho wo..
Ho ho ho wo…..
Hun.. मद्धम सी
मध्होशी  
धीमी  सी
सरगोशी
सुन  सको  तो
सुनो  दिल  के  तार
यूँही  मिलते  रहो  
बार  बार 
हो  कैसी  शेहेर  है
ये  कैसा  असर   है .. बता ..
बिन  जाने
बिन  बोले
हमको  सभी  है .. पता ..
थोडा  सा
दर्द  है
सांस  भी
सर्द  है
पर  तेरा ..
आशियाँ ..
मिल  गया
चाहिए  क्या 
Ho ho ho wo..
Ho ho ho wo..
Ho ho ho wo…..
Hun.. सिमटे  सिमटे
सौंधे  सी  है  दुपहर 
बेचैनियों  में
डूबी  सी  है  ये  लहर 
छायी   है
चाशनी
पर  है  खोयी  कमी 
हो  सकूं  
जिस  जगह
पाया  है
तुम्हे  वहां …हा ..
Ho ho ho wo..
Ho ho ho wo..
Ho ho ho wo…..
बाँहों  में  लेके 
तुम्हे  कुछ  न  कुछ  बोल  दे 
चाहत  की  नदियाँ  में 
चांदी  का  रस  खोंल  दे 
आओ   न
साथ  दो
मुझको  परवाज़  दो 
कोई  मीठी   सी ..
कानो  में
आवाज़  दो .. वो ..
Ho ho ho wo..
Ho ho ho wo..
Ho ho ho wo…..
Ho ho ho wo..
Ho ho ho wo..
Ho ho ho wo…..
Ho..
Ho ho ho wo..
Ho ho ho wo..
Ho ho ho wo…..
Ho ho ho wo..
Ho ho ho wo..
Ho ho ho wo…..

वो देखने में : लंडन पेरिस न्यूयोर्क


हा  हा  हा  हा …..
वो  देखने  में
कैसी  सीधी  साधी  लगती
है  बोलती  की  वो  तो
कुछ  नहीं  समझती
अन्दर  से  कितनी  तेज़  है 
कभी  अजीब  सी
कभी  हसीं  लगती
कभी  किसी  किताब  का
है  सीन लगती
फिलोसोफी  का
क्रेज़  है 
हो .. कहती  है
ये  एक  फेज है 
वो  देखने  में
कैसी  सीधी  साधी  लगती
है  बोलती  की  वो  तो
कुछ  नहीं  समझती
अन्दर  से  कितनी  तेज़  है 
कभी  अजीब  सी
कभी  हसीं  लगती
कभी  किसी  किताब  का
है  सीन  लगती
फिलोसोफी  का
क्रेज़  है 
हो .. कहती  है
ये  एक  फेज  है
हो .. कहती  है
ये  एक  फेज .. है 
शिहान ..
प्  प्  प् .. प् पपा .. प् पपा  पारा ..
प्  प्  प् .. पप्पा .. पप्पा  पारा ….
ये .. कहाँ  मैं  आ  गया  
बोलो  कैसा ये  तैयार   है
दिल .. किसी  का  हो  गया
न  इस्पे  इख़्तियार  है
करो  तो  क्या  करू
करों  तो  क्या  करू
यह  गाना  भी  तो
उसको  पास  लाने  का
बहाना  है 
वो  चुप  चुप
मेरे  दिल  के  राज़  खोलती
आदत  के  ये
मेरे  ख्वाब  भी  टटोलती 
Possessiveness का
केस  है ..
जान ..इ ..जान  इ  मन
तो  हर  गाने  में
आता  है
परवाना  रोमो
हर  लड़का  ही  बन  जाता  है 
लिखू  तो  क्या  लिखूं
बनू  तो  क्या  बनू
यह  फिल्मो  में लड़का  ही  क्यों  लड़की  को पसंद  है 
मैं  चाहूं  भी  तो  मैं
सभी  वो  कर  जाता  हूँ
वो  आये  सामने  तो
मैं  सुधर  जाता  हूँ
लड़की  इक  फुल  ओन केस है 
हो .. कहती  है  ये
एक  फेज  है  (With me)
वो  देखने  में 
कैसी  सीधी  साधी  लगती 
है  बोलती  की  वो  तो 
कुछ  नहीं  समझती 
अन्दर  से  कितनी  तेज़  है 
कभी  अजीब  सी 
कभी  हसीं  लगती 
कभी  किसी  किताब  का
है  सीन  लगती
फिलोसोफी  का
क्रेज़  है 
हो .. कहती  है
ये   एक  फेज   है
हाँ .. कहती  है
ये  एक फेज  है 
ओवू …ओ …
रहू ..वू ….हु
Hi…hhihihi..

London Paris Newyork



From London to Paris (From London to Paris)
Paris to New York (Paris to New York)

ढूंदा तुम्हे मैने
अ‍ॅब खोना नहीं (ख़ोना नहीं)

मै खो  भी जाउ (खो  भी जाउ)
ग़ुम हो भी  जाउ (ग़ुम हो भी जाउ)
ई खोयी  हुयि राहो मै
तुम हि को पाउ

येह जदू सा क्या है
मै जानु ना
येह कैसा नशा है
पहचानूँ  ना

येह ज़िंदगि के पल कित्ने
हल्के हल्के हल्के हैं
ऋंग सारे छलके यहाँ है
यह होती छोटी खुशिया
जागी जागी अंखिया है.
ज़िंदगी  मै तुम हो या
तूम मै ज़िंदगी है बोलो
तू  तु तु रु...


From Sunday to Saturday
We living in a new way

मेरे तो रात और दिन हैं तेरे लिये

तूम मेरा जुनून हो
दील का सुकून हो
ढूंडा तुम्हे मैने
बस मेरे लिये
तू  तु तु रु, ये  हेय..

You make me feel how I just can't say
अ‍ॅब जो भि हो सो हो, इत्स ओक


येह ज़िंदगि के पल कित्ने
हल्के हल्के हल्के हैं
ऋंग सारे छलके यहाँ है
यह होती छोटी खुशिया
जागी जागी अंखिया है.
ज़िंदगी  मै तुम हो या
तूम मै ज़िंदगी है बोलो

तू  तु तु रु...
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