हो ओये हाये ओये रंग पुरेदी रंग रंगीली लड़की छैल छबीली उसदे चंचल नैन कटार अरे चंचल नैन कटार ते उसदा रूप बना हथियार उसके रूप से कतल हुए तो चर्चा शुरू हुआ नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा ओ रंग पुरेदी रंग रंगीली छैल छबीली नार चंचल नैन कटार दी उसदा रूप तेज़ तलवार उसके रूप से कतल हुए तो चर्चा शुरू हुआ हे.... नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा होऐ..... हे हे हे जब भी वो लड़की, खिड़की पे आये कोई उसको देख मरे कोई बिन देखे मर जाये अरे गुजरे गली मोहल्ले से तो मेला सा लग जाता था हर एक आशिक ईद मनाता भंगड़ा गाता था खतम ना होता दीवानों के जलसे शुरू हुआ हे.... नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा अरे बचपन से उसका एक दीवाना था जिसका काम गली के आशिक परे हटाना था दिल से जिसको मान रहा था अपने दिल की रानी वो और किसी पे ही यारों मरती थी मरजानी वो एक कहानी खतम तो दूजा किस्सा शुरू हुआ नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा ओ...... रंग पुरेदी रंग रंगीली छैल छबीली नार चंचल नैन कटार ते उसका रूप तेज तलवार उसके रूप से कतल हुए तो चर्चा शुरू हुआ नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा - 4 होऐ.....
Showing posts with label जब वी मेट. Show all posts
Showing posts with label जब वी मेट. Show all posts
नगाड़ा नगाड़ा नगाड़ा बजा : जब वी मेट
आओगे जब तुम ओ साजना : जब वी मेट
आओगे जब तुम ओ साजना - 2 अंगना फूल खिलेंगे, बरसेगा सावन, बरसेगा सावन झूम झूमके, दो दिल ऐसे मिलेंगे आओगे जब तुम ओ साजना, अंगना फूल खिलेंगे नैना तेरे कजरारे है, नैनो पे हम दिल हारे है अंजाने ही तेरे नैनो ने वादे किये कयी सारे है सांसो की लय मद्धम चलें, तोसे गये बरसेगा सावन बरसेगा सावन झूम झूमके, दो दिल ऐसे मिलेंगे आओगे जब तुम ओ साजना, अंगना फूल खिलेंगे चंदा को ताकू रातों को, है ज़िन्दगी तेरे हाथों में पलकों पे झिलमिल तारें हैं, आना बरी बरसातों में सपनों का जहाँ होगा केला केला बरसेगा सावन बरसेगा सावन झूम झूमके, दो दिल ऐसे मिलेंगे . . अंगना फूल खिलेंगे - 2
हम जो चलने लगे :जब वी मेट
हम जो चलने लगे चलने लगे हैं ये रास्ते हाँ...हाँ... मंजिल से बेहतर लगने लगे हैं ये रास्ते]2 आओ खो जाये हम हो जाये हम यूँ लापता आओ मिलो चलें जहा कहाँ ना हो पता हम जो चलने लगे चलने लगे हैं ये रास्ते हाँ...हाँ... मंजिल से बेहतर लगने लगे हैं ये रास्ते [बैठे बैठे ऐसे कैसे कोई रास्ता नया सा मिले तू भी चले मैं भी चलूँ होंगे कम ये तभी फासले]2 आओ तेरा मेरा ना हो किसी से वास्ता आओ मिलो चले जाना कहाँ ना हो पता हम जो चलने लगे चलने लगे हैं ये रास्ते हाँ...हाँ... मंजिल से बेहतर लगने लगे हैं ये रास्ते [आँखें खोले नींदें बोले जाने कैसे जगी बेखुदी यहाँ वहाँ देखो कहाँ लेके जाने लगी बेखुदी]2 आओ मिल जाये ना हो जहाँ पे रास्ता आओ मिलो चलें जाना कहाँ ना हो पता हम जो चलने लगे चलने लगे हैं ये रास्ते हाँ...हाँ... मंजिल से बेहतर लगने लगे हैं ये रास्ते
Subscribe to:
Posts (Atom)