Showing posts with label जन्नत - 2. Show all posts
Showing posts with label जन्नत - 2. Show all posts

ज़रा सा, ज़रा सा : जन्नत - 2



ज़रा सा, ज़रा सा
लगे तू खफ़ा सा
ज़रा सा, ज़रा सा
गिला बेवजह सा
तेरे ही लिए, तुझसे हूँ जुदा
जन्नतें कहाँ, बिन हुए फना
(ज़रा सा, ज़रा सा
मुझे है गुमा सा
ज़रा सा, ज़रा सा
अभी है नशा सा
तेरे ही लिए, तुझसे हूँ जुदा
जन्नतें कहाँ, बिन हुए फना)

(ज़रा सा, ज़रा सा
राहों में धुंआ सा
तेरे ही लिए, तुझसे हूँ जुदा
जन्नतें कहाँ, बिन हुए फना)

अब एक धुंआ सा दिखता है
जो भी लिखूं मैं मिटता है 
दो पल में ही
वो बातें, वो रातें, वो यादें, किसी की
छूटती ही जा रही है
टूटती ही जा रही है
वो हर कड़ी
इन साँसों को, आहों को, मेरे गुनाहों की
मिल रही है कोई सजा
जन्नतें कहाँ...

फिर  कहाँ, फिर कहाँ
खो गया, रास्ता
यूँ तो आँखों के ही सामने था
मंजिल का पता
फिर भी जाने कैसे रह गया
ये दो कदम का फासला
ये दरमियाँ, अपने दरमियाँ
जन्नतें कहाँ...

तेरा दीदार हुआ : जन्नत - 2,






यु  तेरा  मुस्कुराना  और  आके  चले  जाना 

यूँ  तेरा  मुस्कुराना  और  आके  चले  जाना 
किस्मत  का  है  खुल  जाना 
तेरा  दीदार  हुआ , पहला  सा  प्यार  हुआ 
पहली  ही  बार  हुआ  इस  dil  को 
ना  तो  इनकार  हुआ 
ना  ही  इकरार  हुआ 
जाने  क्या  यार  हुआ  इस  दिल  को  2x

रे  गा   रा  रे ..... ♩ ♪ ♫ ♬

तुझसे  मिला  तो  जागी  दुआएं 
और  नज़रो  ने  सजदा  किया 
जन्नत  ज़मीन  पर  आई  उतर  के 
खुशियों  ने  जैसे  चुन  सा  लिया  2x 

हर  मंज़र  दिलनशीं  है 
तू ही  तू हर  कहीं  है 
ओह .. तेरी  ये  राजाएं  तो  है  कातिलाना 

तेरा  दीदार  हुआ , पहला  सा  प्यार  हुआ 
पहली  ही  बार  हुआ  इस दिल  को 
ना  तो  इनकार  हुआ 
ना  ही  इकरार  हुआ 
जाने  क्या  यार  हुआ  इस  दिल  को 

तेरे  बिना  तनहा  था  हरदम 
होठो  पे  हरदम  थी  तिश्नगी 
मकसद  नहीं  था , सपने  नहीं  थे 
थी  ज़िन्दगी  में  आवारगी 
तू  मेरा  रहनुमा   है 
मंजिल  है  रास्ता  है 
ओ  मेरे  लिए  तू  तो  जैसे 
रब  का  है  नजराना 

तेरा  दीदार  हुआ , पहला  सा  प्यार  हुआ 
पहली  ही  बार  हुआ  इस  दिल  को 
ना  तो  इनकार  हुआ 
ना  ही  इकरार  हुआ 
जाने  क्या  यार  हुआ  इस  दिल  को 

यु  तेरा  मुस्कुराना  और  आके  चले  जाना 
यु  तेरा  मुस्कुराना  और  आके  चले  जाना 
किस्मत  का  है  खुल  जाना 
तेरा  दीदार  हुआ , पहला  सा  प्यार  हुआ 
पहली  ही  बार  हुआ  इस  दिल  को 
ना  तो  इनकार  हुआ 
ना  ही  इकरार  हुआ 
जाने  क्या  यार  हुआ  इस  दिल  को 

तू ही मेरा : जन्नत - 2



हो  तेरे  इश्क  में  डूबा  रहे 

दिन -रात  यूँही  सदा 
मेरे  ख्वाब  से  आँखे तेरी  ना  होए  जुदा 
मेरा  नाम  तू  हाथो  पे  अपने  लिखे  बार  हां 
ए  काश  के  ऐसा  भी  दिन  लाये  वो  खुदा 
तू  ही  मेरा  मेरा  मेरा  8x
तू  ही  मेरा  आ  आ .. 2x
तू  ही  मेरा  मेरा  मेरा  4x

है  तेरी  चाहत  मेरी  ज़रुरत 
सूनी  है  तुझ  बिन  दुनिया  मेरी 
ना  रह  सकूंगा  मै  दूर  इनसे 
है  मेरी  जन्नत  गलिया  तेरी 
हो ... हो  ...
हो .. तेरी  
है  तेरी  चाहत  मेरी  ज़रुरत 
सूनी  है  तुझ  बिन  दुनिया  मेरी 
ना  रह  सकूंगा  मैं दूर  इनसे 
है  मेरी  जन्नत  गलिया  तेरी 


उम्मीद  ये  सीने  में  लेके  मै  हूँ  जी  रहा 
कभी  तू  मिले  कहे  मुझसे  के  मैं  हूँ  तेरा 

तू  ही  मेरा  मेरा  मेरा  8x

तू  है  किस्मत  तू  ही  है  रहमत 
तुझसे  ही  जुडी  है  मेरी  हर  ख़ुशी 
तू  ही  मोहब्बत , तू  है  राहत 
लगती  भली  है  तेरी  सादगी 
पाता  हूँ  खुद  को  तेरे  बिना  तनहा 
मुझे  थाम  ले , मुझे  रोक  ले 
भटका  हूँ  मैं  भटका 

तू  ही  मेरा  मेरा  मेरा  8x
तू  ही  मेरा  आ  आ .. 2x
तू  ही  मेरा  मेरा  मेरा  8x

वो अजनबी की तलाश है मुझे :


अजनबी  अजनबी  अजनबी ...x4

वो  अजनबी  की  तलाश  है  मुझे  
जो  साथ  दे  मेरा 
वो  अजनबी  पाऊंगा  मैं  कहा
जो  साथ  दे  मेरा
जो  हर  पल  रहे  पास 
जिस  की  हो  मुझे  आस 
जो  रहे  बाँहों  मैं  (बाँहों  मैं )
जिस  की  हो  मुझे  चाह  (चाह )
उसे  पावून  मैं  कहाँ 
उसे  खोजू   मैं  कहाँ  
मेरे  दिल  की  दास्ताँ 
वो  राही  है  कहाँ

वो  अजनबी  की तलाश  है  मुझे
जो  साथ  दे  मेरा
वो अजनबी  पवुंगा  मैं  कहा
जो  साथ  दे  मेरा

अजनबी  अजनबी  अजनबी ...x4

यूह  न  कभी  टूटे 'गा  दिल  मेरा  
जो  तुम  थाम  लो  मेरा  हाथ 
इन  धडकनों  के  सिवा  मेरे  पास  
एक  तुम  ही  बची  मेरी  आस

मुद  के  तू  देख  एक  बार  (एक  बार )
तू  ही  तो  हैं  मेरा  प्यार  (प्यार )
तुझ  से  ही  रात  दिन  (रात  दिन )
तुझ  ही  से  दिल  का  करार  (करार )
तुझे  पावू  मैं  कहाँ  
तुझे  खोजूं  मैं  कहाँ
मेरे  दिल  की  दास्ताँ
मेरी  जान  तू  है  कहाँ

उसकी  यादों  मैं  खो 'जाऊ 
उसके  प्यार  की  धुन  सुनता 'हु 

वो  अजनबी  की  तलाश  है  मुझे
जो  साथ  दे  मेरा
वो  अजनबी  पावुंगा  मई  कहा
जो  साथ दे  मेरा 

कैसी ये जुदाई है : जन्नत - 2



कैसी  ये  जुदाई  है, आँख  भर  मेरी  आई  है
मेरा  दिल  डूब  रहा , इसे  बस  अब  डूबने  दो
ये  पहली  बार  हुआ , ये  क्यों  एहसास  हुआ
मेरा  दिल  अब  टूट  रहा , इसे  बस  अब  टूटने  दो ….

मुझे  बस  अब  रोने  दो ,इस  गम  को  बहने  दो
ये  साथ  जो  टूट  रहा , इसे  आज  बस  छूटने  दो
कैसी  ये  जुदाई  है, आँख  भर  मेरी  आई  है
मेरा  दिल  डूब  रहा , इसे  बस  अब  डूबने  दो

एक  बात  सताती  है , जब  तेरी  याद  आती  है
क्यों  मुझसे  रूठ  गया , जाने  क्यों  दूर  गया
ये  पहली  बार  हुआ , ये  क्यों  एहसास  हुआ
जाने  अनजाने  क्यू …मुझे  तुमसे  प्यार  हुआ
हँसते  हँसते  रोता  हु , रोते  रोते  हँसता  हूँ
फिर  खुद  से  कहता  हूँ …जो  होना  था …हूँ  ही  गया 
Google Analytics Alternative