रंग बरसे भीगे चुनरवाली, रंग बरसे
अरे कैने मारी पिचकारी तोरी भीगी अंगिया
ओ रंगरसिया रंगरसिया, हो
रंग बरसे भीगे चुनरवाली, रंग बरसे ...
सोने की थाली में जोना परोसा
अरे, सोने की थाली में, जोना परोसा
हाँ, सोने की थाली में जोना परोसा
अरे खाए गोरी का यार, बलम तरसे रंग बरसे
होली है!
ओ रंग बरसे भीगे चुनरवाली, रंग बरसे ...
लौंगा इलायची का, अरे लौंगा इलायची का
लौंगा इलायची का? हाँ!
अरे लौंगा इलायची का बीड़ा लगाया
हाँ लौंगा इलायची का बीड़ा लगाया
चाबे गोरी का यार, बलम तरसे रंग बरसे
होली है!
ओ रंग बरसे भीगे चुनरवाली, रंग बरसे ...
अरे बेला चमेली का सेज बिछाया
बेला चमेली का, सेज बिछाया
अरे बेला चमेली का सेज बिछाया
हाँ बेला चमेली का सेज बिछाया
सोए गोरी का यार, बलम तरसे रंग बरसे
होली है!
ओ रंग बरसे भीगे चुनरवाली, रंग बरसे ...
रंग बरसे भीगे चुनरवाली : सिलसिला
नीला पीला हरा गुलाबी : आप बीती (1976)
नीला-पीला हरा-गुलाबी कच्चा-पक्का रंग
रंग डाला आ, मेरा अंग-अंग
राम दुहाई, राम दुहाई छोड़ कलाई
ओए मामा
ओ मेरे मामा क्या बाजू मेरा तोड़ेगा
ओ सररारारर...
आगे-पीछे आगे-पीछे ऊपर-नीचे
कोई कितना दौड़ेगा
बहादुर नहीं छोड़ेगा, बहादुर नहीं छोड़ेगा
बहादुर नहीं छोड़ेगा, बहादुर नहीं छोड़ेगा
ओ नीला-पीला हरा-गुलाबी कच्चा-पक्का रंग
रंग डाला रे मेरा अंग-अंग
अरे छेड़छाड़ मत करना करके होली का बहाना
छेड़छाड़ मत करना करके होली का बहाना
आज का दिन है प्यार का दिन
कोई मार न मुझसे खाना
कुर्ता ढील तंग पैजामा गुस्सा रहने दे रे मामा
हाथ मिला ले प्रेम की रेखा
तुमने दुनिया में क्या देखा
अरे तुमने देखे प्रेम के नाटक
ओ ओ तुमने देखे प्रेम के नाटक
हमने देखी जंग
रंग डाला आ, मेरा अंग-अंग
नीला-पीला हरा-गुलाबी कच्चा-पक्का रंग
रंग डाला रे मेरा अंग-अंग
रंग वाले से रंग करवाओ
अरे रंग वाले से रंग करवाओ
तो वो माँगे पैसे
मुफ़्त में हमने रंग डाले हैं मुखड़े कैसे कैसे
दर्पन देखो तो दीवानी
अरे सूरत न जाये पहचानी
तू कोई बदमाश है पक्का
मारा मुझको ज़ोर से धक्का
मैं गिर पड़ी ज़मीं पे जैसे
ओ मैं गिर पड़ी ज़मीं पे जैसे
कट के गिरे पतंग
रंग डाला, मेरा अंग-अंग
राम दुहाई, छोड़ कलाई
बेदर्दी क्या बाजू मेरा तोड़ेगा
ओ सररारारर...
आगे-पीछे आगे-पीछे ऊपर-नीचे
कोई कितना दौड़ेगा
बहादुर नहीं छोड़ेगा, बहादुर नहीं छोड़ेगा
बहादुर नहीं छोड़ेगा, बहादुर नहीं छोड़ेगा
रंग डाला आ, मेरा अंग-अंग
राम दुहाई, राम दुहाई छोड़ कलाई
ओए मामा
ओ मेरे मामा क्या बाजू मेरा तोड़ेगा
ओ सररारारर...
आगे-पीछे आगे-पीछे ऊपर-नीचे
कोई कितना दौड़ेगा
बहादुर नहीं छोड़ेगा, बहादुर नहीं छोड़ेगा
बहादुर नहीं छोड़ेगा, बहादुर नहीं छोड़ेगा
ओ नीला-पीला हरा-गुलाबी कच्चा-पक्का रंग
रंग डाला रे मेरा अंग-अंग
अरे छेड़छाड़ मत करना करके होली का बहाना
छेड़छाड़ मत करना करके होली का बहाना
आज का दिन है प्यार का दिन
कोई मार न मुझसे खाना
कुर्ता ढील तंग पैजामा गुस्सा रहने दे रे मामा
हाथ मिला ले प्रेम की रेखा
तुमने दुनिया में क्या देखा
अरे तुमने देखे प्रेम के नाटक
ओ ओ तुमने देखे प्रेम के नाटक
हमने देखी जंग
रंग डाला आ, मेरा अंग-अंग
नीला-पीला हरा-गुलाबी कच्चा-पक्का रंग
रंग डाला रे मेरा अंग-अंग
रंग वाले से रंग करवाओ
अरे रंग वाले से रंग करवाओ
तो वो माँगे पैसे
मुफ़्त में हमने रंग डाले हैं मुखड़े कैसे कैसे
दर्पन देखो तो दीवानी
अरे सूरत न जाये पहचानी
तू कोई बदमाश है पक्का
मारा मुझको ज़ोर से धक्का
मैं गिर पड़ी ज़मीं पे जैसे
ओ मैं गिर पड़ी ज़मीं पे जैसे
कट के गिरे पतंग
रंग डाला, मेरा अंग-अंग
राम दुहाई, छोड़ कलाई
बेदर्दी क्या बाजू मेरा तोड़ेगा
ओ सररारारर...
आगे-पीछे आगे-पीछे ऊपर-नीचे
कोई कितना दौड़ेगा
बहादुर नहीं छोड़ेगा, बहादुर नहीं छोड़ेगा
बहादुर नहीं छोड़ेगा, बहादुर नहीं छोड़ेगा
होली के दिन दिल खिल जाते हैं : शोले
होली के दिन दिल खिल जाते हैं
रंगों में रंग मिल जाते हैं)-2
गीले शिकवे भूल के दोस्तों
दुश्मन भी गले मिल जाते हैं
होली के दिन दिल खिल जाते हैं
रंगों में रंग मिल जाते है-2x
होली हैं
गोरी तेरे रंग जैसा
तोडसा मैं रंग बना लू
आ तेरे गुलाबी गालों
से तोड़ा सा गुलाल चुरा लू
जारे जा दीवाने तू होली के बहाने तू -2x
छेड़ ना मुझे बेसरम
पूछ ले ज़माने से ऐसे ही
बहाने से लिए और दिए दिल जाते हैं
होली के दिन दिल खिल जाते हैं
रंगो में रंग मिल जाते हैं
रंगों में रंग मिल जाते हैं)-2
गीले शिकवे भूल के दोस्तों
दुश्मन भी गले मिल जाते हैं
होली के दिन दिल खिल जाते हैं
रंगों में रंग मिल जाते है-2x
होली हैं
गोरी तेरे रंग जैसा
तोडसा मैं रंग बना लू
आ तेरे गुलाबी गालों
से तोड़ा सा गुलाल चुरा लू
जारे जा दीवाने तू होली के बहाने तू -2x
छेड़ ना मुझे बेसरम
पूछ ले ज़माने से ऐसे ही
बहाने से लिए और दिए दिल जाते हैं
होली के दिन दिल खिल जाते हैं
रंगो में रंग मिल जाते हैं
ज़िंदा रहने के लिए : सिर्फ तुम
साँस आती है साँस जाती है सिर्फ़ मुझको है इन्तज़ार तेरा आँसुओं की घटाएं पी पी के अब तो कहता है यही प्यार मेरा ज़िंदा रहने के लिए तेरी कसम इक मुलाकात ज़रूरी है सनम तेरी चाहतों ने ये क्या ग़म दिया तेरे इश्क़ ने यूं दीवाना किया ज़माने से मुझको बेगाना किया दीवाने तेरे प्यार में बड़ा ही बुरा हाल है खड़ी हूं तेरी राह में न होश है न ख्याल है इक मुलाकात ज़रूरी है सनम ज़िंदा रहने के लिए ... मेरे साथ में रो रहा आसमां मेरा प्यार खोया है जाने कहां उसे ढूँढती मैं यहां से वहां मिलन की मुझे आस है निकलती नहीं जान है मैं कितनी मजबूर हूं ये कैसा इम्तहान है इक मुलाकात ज़रूरी है सनम ज़िंदा रहने के लिए ... आज मुलाकात ज़रूरी है सनम मेरी आँखों में जले तेरे ख्वाबों के दिये कितनी बेचैन हूँ मैं यार से मिलने के लिए मेरे बिछड़े दिलबर तू जो इक बार मिले चैन आ जाए मुझे जो तेरा दीदार मिले मसीहा मेरे दुआ दे मुझे करूं अब मैं क्या बता दे मुझे कोई रास्ता दिखा दे मुझे मेरे यार से मिला दे मुझे मेरे दर्द की दवा दे मुझे आ कहीं ना अब सुकून है कहीं ना अब करार है मिलेगा मेर साथिया मुझे तो ऐतबार है इक मुलाकात ज़रूरी है सनम साँस आती है ... ज़िंदा रहने के लिए ...
दिलबर दिलबर : सिर्फ तुम
दिलबर दिलबर हां दिलबर दिलबर होश ना खबर है ये कैसा असर है तुमसे मिलने के बाद दिलबर दर्द है चुभन है क्या दीवानापन है तुमसे मिलने के बाद दिलबर दिलबर दिलबर ... तू मेरा ख्वाब है तू मेरे दिल का करार देख ले जा\-ए\-मन देख ले बस एक बार चूम ले जिस्म को हमनशीं पास आ चैन खो गया है कुछ तो हो गया है तुमसे मिलने के बाद दिलबर दिलबर दिलबर ... इश्क़ बेताब है हुस्न की महकी बहार दूरियां किसलिए किसलिए अब इन्तज़ार टूटता है बदन क्या हुआ क्या पता प्यास में ढली हूँ रात दिन जली हूँ तुमसे मिलने के बाद दिलबर दिलबर दिलबर ...
ऊपर वाला अपने साथ है : सिर्फ तुम
प्यार भी मिलेगा दिलदार भी मिलेगा तुझे सब कुछ उसके हाथ है अरे रे डरने की क्या बात है ऊपर वाला अपने साथ है ऊपर वाला ... सहरा में फूल खिलते हैं बिछड़े दिल मिलते हैं अनहोनी को वो होनी कर दे सूखी नदी में जल भर दे तेरे दिल में जो है मांग ले तू भी ये तो दुआ की रात है अरे डरने की क्या बात है ... नगमें नए गाएंगे हम सारे ग़म भुलाएंगे उसकी नज़र तो सबको देखे जीना भी क्या मायूसी लेके मेरे साथी आजा झूमें नाचें खुशियों की बरसात है अरे डरने की क्या बात है ...
पहली पहली बार मोहब्बत की है : सिर्फ तुम
मेरे महबूब मेरे इस दिल ने रात को दिन सुबह को शाम लिखा
इतना बेचैन कर दिया तुमने मैने ये खत तुम्हारे नाम लिखा पहली पहली बार मोहब्बत की है कुछ न समझ में आए मैं क्या करूं इश्क़ ने मेरी ऐसी हालत की है कुछ न समझ में आए मैं क्या करूं पहली पहली बार ... मेरा हाल बुरा है लेकिन तुम कैसी हो लिखना मेरा छोड़ो जान मेरी अपना ख्याल तुम रखना कोरे कागज़ पे मैने सारा अरमान निकाला मेरे इस दिल में जो कुछ था खत में सब लिख डाला हे हो पहली पहली बार शरारत की है कुछ न समझ में ... काश मेरा दिल भी कोई कागज़ का टुकड़ा होता रात को तेरी बाहों में तकिये के नीचे सोता हो केरल में गर्मी है नैनीताल से सर्दी भेजो जो राहत पहुँचाए ऐसा कुछ बेदर्दी भेजो बिन तेरी यादों के इक पल जीना है मुश्किल कैसे लिख दूं कितना तुझको चाहे मेरा दिल अपनी इक तस्वीर लिफ़ाफ़े में रखकर भिजवा दो मैं खुद मिलने आऊंगी कुछ दिन दिल को समझा दो तुम कितनी भोली हो तुम कितने अच्छे हो तुम कितनी सीधी हो तुम कितने सच्चे हो आ आ पहली पहली बार ये चाहत की है कुछ न समझ में ...
Subscribe to:
Posts (Atom)